केंद्र सरकार ने लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को बड़ी सौगात देते हुए आठवें वेतन आयोग के गठन की औपचारिक घोषणा कर दी है। काफी समय से जिस फैसले का इंतजार किया जा रहा था, उस पर अब सरकार ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। सरकार की ओर से जारी सूचना के अनुसार वेतन आयोग का गठन हो चुका है और इससे जुड़ी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। माना जा रहा है कि यह कदम वेतन, भत्तों और पेंशन व्यवस्था में बड़े बदलाव की नींव रखेगा।
संसद में सरकार ने दी पुख्ता जानकारी
आठवें वेतन आयोग को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम तब लगा, जब सरकार ने संसद के पटल पर इस विषय में आधिकारिक जानकारी साझा की। लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री ने लिखित जवाब देते हुए बताया कि आयोग का गठन विधिवत रूप से कर दिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि आयोग के दायरे, कार्य और जिम्मेदारियों को अधिसूचना के माध्यम से तय कर दिया गया है। इस खबर के सामने आने के बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स में खुशी की लहर दौड़ गई है।
कब जारी हुई आयोग से जुड़ी अधिसूचना
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार आठवें वेतन आयोग से संबंधित अधिसूचना 3 नवंबर 2025 को जारी की गई थी। इसी के साथ आयोग को अपना काम शुरू करने की अनुमति मिल गई। सरकार का कहना है कि आयोग पूरी तरह स्वतंत्र रूप से काम करेगा और मौजूदा आर्थिक हालात, महंगाई दर और जीवन यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए संतुलित सिफारिशें देगा।
आयोग के अध्यक्ष और अन्य प्रमुख सदस्य
आठवें वेतन आयोग की जिम्मेदारी अनुभवी और प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सौंपी गई है। आयोग के अध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजन प्रकाश देसाई की नियुक्ति की गई है। वहीं, प्रोफेसर पुलक घोष को अंशकालिक सदस्य बनाया गया है और पंकज जैन को सदस्य सचिव की अहम जिम्मेदारी दी गई है। आयोग का मुख्यालय राजधानी दिल्ली में स्थापित किया गया है, जहां से सभी गतिविधियाँ संचालित होंगी।
कितने कर्मचारी और पेंशनर्स को मिलेगा लाभ
आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर देशभर में देखने को मिलेगा। अनुमान है कि इससे करीब 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनभोगी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इसमें विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, रक्षा सेवाओं, अखिल भारतीय सेवाओं और केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। पेंशनर्स के लिए भी इस आयोग से कई नई उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।
आयोग का कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां
आठवें वेतन आयोग को व्यापक जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। आयोग मौजूदा वेतन ढांचे की समीक्षा करेगा और महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता (HRA) सहित अन्य भत्तों पर भी विचार करेगा। इसके अलावा पेंशन व्यवस्था, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ और रक्षा कर्मियों से जुड़े विशेष प्रावधानों की भी गहन समीक्षा की जाएगी।
महंगाई और जीवन यापन की लागत पर रहेगा फोकस
सरकार ने आयोग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सिफारिशें तैयार करते समय बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत को प्राथमिकता दी जाए। बीते कुछ वर्षों में जरूरी वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे कर्मचारियों की वास्तविक आय प्रभावित हुई है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आयोग मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार वेतन ढांचे में जरूरी बदलाव सुझाएगा।
रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा और आगे की प्रक्रिया
सरकार ने आठवें वेतन आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने का समय दिया है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार सिफारिशों का गहन अध्ययन करेगी और फिर यह निर्णय लिया जाएगा कि उन्हें किस चरण में और किस रूप में लागू किया जाए। अंतिम फैसला देश की आर्थिक स्थिति और बजटीय प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी उम्मीद
आठवें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों और पेंशनर्स में काफी उत्साह देखा जा रहा है। समय के साथ महंगाई बढ़ने के कारण पिछले वेतन आयोग की बढ़ोतरी का असर काफी हद तक कम हो चुका है। ऐसे में इस बार बेहतर वेतन संशोधन और पेंशन सुधार की उम्मीद की जा रही है। यह फैसला न केवल आर्थिक राहत देगा, बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी मजबूत करेगा।