केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब धीरे-धीरे खत्म होता नजर आ रहा है। लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि आठवें वेतन आयोग का गठन हो चुका है और इसके Terms of Reference (ToR) को भी आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया गया है। इस जानकारी के सामने आते ही नए वेतनमान, भत्तों और पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारियों में उत्साह बढ़ गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आयोग अपनी सिफारिशें कब तक सौंपेगा और सरकार इन्हें किस तारीख से लागू करने का फैसला लेगी।
8वें वेतन आयोग का गठन और ToR को मिली मंजूरी
लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 8th Pay Commission को औपचारिक रूप से गठित कर दिया गया है। साथ ही 3 नवंबर 2026 को वित्त मंत्रालय द्वारा इसके Terms of Reference को भी स्वीकृति दे दी गई थी। ToR जारी होने के बाद आयोग ने वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे से जुड़े पहलुओं पर अध्ययन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ToR तय होने का अर्थ है कि अब आयोग विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों की वेतन संरचना, महंगाई भत्ते, अन्य अलाउंस और पेंशन व्यवस्था की गहन समीक्षा करेगा।
1.19 करोड़ से अधिक लोगों को मिलेगा फायदा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग का लाभ केवल सेवारत कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके तहत करीब 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर्स शामिल किए जाएंगे।
पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि पेंशनर्स को इस आयोग के दायरे में रखा जाएगा या नहीं, लेकिन सरकार के बयान से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि पेंशनर्स भी 8th Pay Commission का पूरा लाभ पाएंगे। इससे पेंशन राशि में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीद और मजबूत हुई है।
लागू होने की तारीख पर अंतिम फैसला सरकार लेगी
कर्मचारियों के बीच सबसे अहम सवाल यही बना हुआ है कि 8वां वेतन आयोग आखिर कब लागू होगा। सरकार ने लोकसभा में दिए गए जवाब में बताया कि आयोग तय समय पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, जिसके बाद इसे लागू करने की तारीख केंद्र सरकार तय करेगी।
ToR के तहत कर्मचारियों के संगठनों, पेंशनर्स एसोसिएशन और अन्य हितधारकों से भी सुझाव और परामर्श लिया जाएगा। इससे संकेत मिलते हैं कि किसी भी निर्णय से पहले व्यापक चर्चा की जाएगी।
बजट में होगा आवश्यक फंड का इंतजाम
सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जब वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दी जाएगी, तो उन्हें लागू करने के लिए बजट में आवश्यक वित्तीय प्रावधान किया जाएगा। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को यह उम्मीद बंधी है कि आने वाले समय में वेतन और पेंशन से जुड़ी बड़ी राहत मिल सकती है।
हालांकि आयोग की रिपोर्ट सौंपने की अंतिम तारीख अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन सरकार का कहना है कि आयोग निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी सिफारिशें पेश करेगा।
8th Pay Commission की संभावित सिफारिशों का अनुमानित खाका
नीचे दी गई तालिका केवल अनुमान के आधार पर बताती है कि 8वां वेतन आयोग किन प्रमुख बिंदुओं पर सिफारिशें कर सकता है:
| क्षेत्र | संभावित बदलाव |
|---|---|
| मूल वेतन | 20% से 28% तक बढ़ोतरी |
| फिटमेंट फैक्टर | 3.0 से अधिक हो सकता है |
| हाउस रेंट अलाउंस | शहरों की श्रेणी के अनुसार संशोधन |
| पेंशन | 15% से 20% तक संभावित वृद्धि |
| ट्रांसपोर्ट भत्ता | महंगाई दर के अनुसार बदलाव |
कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें और मजबूत
सरकार की ओर से आए इस आधिकारिक अपडेट के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। अब सबकी नजरें 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
कयास लगाए जा रहे हैं कि नई वेतन व्यवस्था 1 जनवरी 2027 से लागू की जा सकती है, हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। जैसे ही आयोग की सिफारिशें सरकार को सौंपी जाएंगी, लागू करने की प्रक्रिया को लेकर तस्वीर और साफ हो जाएगी।