केंद्र सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक मजबूती देने के उद्देश्य से चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब सभी पंजीकृत किसानों को 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। लाखों किसान हर बार की तरह इस बार भी किस्त आने की तारीख जानने को उत्साहित हैं। सूत्रों और जारी अपडेट्स के अनुसार, सरकार जल्द ही इस किस्त को जारी करने की तैयारी में है। आइए जानते हैं किस्त से जुड़ी पूरी जानकारी और ताज़ा अपडेट।
22वीं किस्त को लेकर क्या है ताज़ा संकेत?
गौरतलब है कि सरकार हर चार महीने में ₹2,000 की किस्त DBT के माध्यम से किसानों के खातों में भेजती है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि 22वीं किस्त दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह या जनवरी 2026 के पहले सप्ताह तक जारी हो सकती है।
कई राज्यों में किसान डेटा वेरिफिकेशन, ई-केवाईसी और भूमि रिकॉर्ड अपडेशन का काम तेजी से चल रहा है, जिससे स्पष्ट है कि किस्त जारी होने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
22वीं किस्त किसे मिलेगी? (पात्रता अपडेट)
22वीं किस्त उन्हीं किसानों के खातों में भेजी जाएगी, जिन्होंने—
- अपनी ई-केवाईसी पूरी कर ली है,
- भूमि रिकॉर्ड वेरिफिकेशन करा लिया है,
- बैंक खाते को आधार से लिंक करा रखा है,
- और योजना के तहत सक्रिय रूप से पंजीकृत हैं।
जिन किसानों की इन प्रक्रियाओं में कोई कमी पाई जाती है, उनकी किस्त रोक दी जाती है।
किस्त चेक करने के लिए क्या करें?
किस्त जारी होने के बाद किसान अपना भुगतान स्टेटस इस तरह जांच सकते हैं:
- पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- ‘Beneficiary Status’ पर क्लिक करें।
- अपना मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
- OTP वेरिफाई करें और किस्त की स्थिति देख लें।
ई-केवाईसी जरूरी, वरना रुक सकती है किस्त
सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि बिना ई-केवाईसी के किसी किसान को किस्त नहीं मिलेगी। ऐसे में यह जरूरी है कि किसान नजदीकी CSC सेंटर या मोबाइल के माध्यम से अपनी KYC समय रहते अपडेट करवा लें।
क्यों महत्वपूर्ण है यह किस्त?
देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के लिए पीएम किसान योजना एक बड़ी राहत साबित होती है। 22वीं किस्त आने से किसानों को—
- रबी सीजन की खेती में सहायता मिलेगी,
- बीज, खाद और कीटनाशक की खरीद आसान होगी,
- और दैनिक कृषि खर्चों में राहत मिलेगी।
सरकार किस्त जारी करने को लेकर कितनी गंभीर?
केंद्र सरकार की ओर से लगातार राज्यों को भेजे जा रहे निर्देशों से स्पष्ट है कि सरकार इस बार भी समय पर किस्त जारी करने को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। राज्यों से किसानों के डेटा को अपडेट करने का काम जल्द पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।