छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत राज्य में 28,461 नए पक्के मकानों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 435 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि को अपनी मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (CSMC) ने छत्तीसगढ़ द्वारा प्रस्तुत 263 परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है, जिससे हजारों परिवारों का अपना ‘सपनों का घर’ हकीकत में बदलने वाला है।
PMAY (Urban) 2.0: छत्तीसगढ़ आवास परियोजना की मुख्य बातें
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| कुल नए आवास | 28,461 |
| कुल स्वीकृत परियोजनाएं | 263 |
| केंद्रीय सहायता राशि | ₹435 करोड़ से अधिक |
| निर्माण की समय सीमा | 36 महीने (3 साल) |
| प्रमुख लाभार्थी | आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) |
परियोजनाओं का दो श्रेणियों में विभाजन
राज्य में आवासों का निर्माण दो मुख्य घटकों (Components) के आधार पर किया जाएगा:
1. लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC)
- कुल आवास: 13,058
- उद्देश्य: इसके तहत वे पात्र हितग्राही लाभ उठा सकेंगे जिनके पास स्वयं की भूमि है। वे अपनी जमीन पर पक्का घर बना पाएंगे।
- लागत: प्रति आवास निर्माण की लागत लगभग ₹3.89 लाख निर्धारित की गई है।
2. किफायती आवास साझेदारी (AHP)
- कुल आवास: 15,363
- उद्देश्य: सरकारी भूमि पर आवासीय परिसर (Complex) विकसित किए जाएंगे। इसमें स्लम पुनर्विकास और सर्वसुविधायुक्त किफायती आवास शामिल होंगे।
- लागत: इस घटक के तहत प्रति आवास की लागत ₹5.75 लाख तय की गई है।
रतनपुर में बनेगा देश का चुनिंदा ‘नवाचारी प्रोजेक्ट’
बिलासपुर जिले के रतनपुर को केंद्र सरकार की ओर से एक विशेष सौगात मिली है। यहाँ आधुनिक तकनीक का उपयोग कर 40 आवासों का डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाया जाएगा। यह भारत सरकार की एक नवाचार पहल है, जिसे देश के कुछ ही राज्यों में शुरू किया गया है। इन आवासों को राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा पात्र लोगों को किराए पर उपलब्ध कराया जाएगा।
लक्ष्य से आगे निकला छत्तीसगढ़
भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक 50,000 आवासों का प्रस्ताव भेजने का लक्ष्य दिया था। लेकिन राज्य सरकार ने तत्परता दिखाते हुए 52,588 आवासों का प्रस्ताव भेजा, जो लक्ष्य से कहीं अधिक है।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि “अगले 36 महीनों में इन घरों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा, जिससे जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आशियाना मिलेगा।”
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि “हर प्रोजेक्ट की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सहायता राशि सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से हितग्राहियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।