उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को ज़मीन पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बढ़ते बिजली बिल से आम लोगों को राहत देने और हर घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान, एफपीओ प्रतिनिधि, अधिकृत वेंडर और कोटेदार शामिल हुए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह योजना केवल सरकारी फाइलों तक सीमित न रहे, बल्कि हर नागरिक की छत पर सोलर पैनल लगना चाहिए। सरकार चाहती है कि लोग महंगी बिजली से छुटकारा पाएं और जिला ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने।
प्रशासन का सख्त रुख
बैठक के दौरान डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के प्रचार-प्रसार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक लोगों को योजना के फायदे ठीक से समझ में नहीं आएंगे, तब तक इसका उद्देश्य पूरा नहीं होगा। सोलर प्लांट लगवाने से न केवल बिजली खर्च कम होता है, बल्कि लंबे समय में परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।
अधिकारियों और ग्राम प्रधानों को सौंपी गई जिम्मेदारी
खंड विकास अधिकारियों, पंचायत सचिवों और ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लक्ष्य दिए गए हैं। ग्राम प्रधानों को गांव स्तर पर बैठकों के माध्यम से लोगों को योजना की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं वेंडरों को चेताया गया है कि वे केवल सही और आधिकारिक जानकारी ही दें, ताकि लोग किसी भ्रम का शिकार न हों।
3 किलोवाट सोलर प्लांट अब आसान EMI पर
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत नागरिक अपनी छत पर 1 किलोवाट से 5 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। सामान्य तौर पर 1 किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत करीब ₹60,000 होती है, जो लगभग 25 वर्षों तक बिजली उत्पादन करता है। सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब 3 किलोवाट का सोलर प्लांट मात्र ₹1800 प्रति माह की आसान किस्त पर लगाया जा सकता है। इसके लिए बैंकों द्वारा लगभग 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी दी जा रही है।
सब्सिडी सीधे खाते में मिलेगी
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि योजना के तहत मिलने वाली सरकारी सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल यूपीनेडा में पंजीकृत वेंडरों से ही सोलर सिस्टम लगवाएं, ताकि गुणवत्ता और सुरक्षा बनी रहे।
बिजली बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण
इस योजना से उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ मिलता है। एक ओर बिजली बिल में भारी कमी आती है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को भी फायदा होता है। सौर ऊर्जा स्वच्छ और नवीकरणीय स्रोत है, जिससे प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन कम होता है। डीएम ने कहा कि यदि हर घर सोलर एनर्जी अपनाता है, तो गांव और जिले दोनों आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
आवेदन कैसे करें
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक लोग pmsuryaghar.gov.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और छत से संबंधित जानकारी जरूरी होती है। प्रशासन, ग्राम प्रधान और अधिकृत वेंडर गांव-गांव जाकर लोगों की आवेदन प्रक्रिया में मदद कर रहे हैं।
सरकार की यह पहल केवल बिजली बचाने की योजना नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। आने वाले समय में जब हर घर अपनी छत से बिजली पैदा करेगा, तब बिजली का बिल नहीं बल्कि बिजली की बचत लोगों की पहचान बनेगी।